Friday, 1 December 2017

बिहार में बालू और गिट्टी का संकट हुआ समाप्त, 70% तक सस्ते हुए बालू-गिट्टी

बिहार में बालू और गिट्टी का संकट हुआ समाप्त, 70% तक सस्ते हुए बालू-गिट्टी

करीब 10 दिनों में स्थिति सामान्य होने का अनुमान है. वहीं कालाबाजारी के कारण इनकी बढ़ी कीमतों में अब करीब 70 फीसदी तक कमी आने का आकलन किया जा रहा है. पूरी व्यवस्था की देखरेख के लिए हाईटेक व्यवस्था बनायी गयी है. सरकार ने टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है. विभाग ने इस काम के लिए 850 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है.



आम लोगों को आसानी से बालू-गिट्टी उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में खुदरा विक्रेताओं को लाइसेंस दिया गया है. विभाग ने इसकी बिक्री और परिवहन के लिए उचित दरों का निर्धारण किया है. सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही आम लोगों को बालू-गिट्टी मिले, इसकी देखरेख के लिए सभी बालू घाटों और पत्थर खदानों पर अधिकारियों की तैनाती की गयी है. घाट से बालू लेकर निकलने वाली गाड़ियों की चेकिंग के लिए चेक पोस्ट बनाये गये हैं.

वहां सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी है. साथ ही विज्ञापन देकर आम लोगों को बालू-गिट्टी खरीद की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है. किसी भी तरह की असुविधा होने पर नागरिकों से शिकायत और सुझाव भी मांगे गये हैं.



सस्ते हुए बालू-गिट्टी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश से एक जुलाई से 30 सितंबर तक बालू के खनन पर रोक के कारण इसकी कीमत पहले की तुलना में करीब ढाई गुना बढ़ गयी थी. एक जुलाई के पहले 200 सीएफटी (दो टेलर) बालू की कीमत पटना में करीब छह हजार रुपये थी. 30 नवंबर तक यह करीब 15 हजार रुपये थी.

वहीं अब सरकारी प्रक्रिया से पटना में 200 सीएफटी बालू करीब 4375 रुपये में उपलब्ध है. इस तरह बालू की कीमत प्रतिबंधित अवधि (एक जुलाई से 30 सितंबर) से पहले की कीमत से भी कम हो गयी है.

बफर स्टॉक से मिलेंगे बालू-गिट्टी
दिनों में स्थिति सामान्य होने की संभावना है. फिलहाल सभी जिलों में बालू-गिट्टी के लाइसेंसधारी खुदरा विक्रेताओं को पूरी तरह कामकाज में प्रशिक्षित होने तक बालू की सप्लाई बफर स्टॉक से होगी.

नयी दरें निर्धारित
खान एवं भूतत्व विभाग ने कहा है कि लाइसेंसधारी सभी खुदरा विक्रेताओं को ठीक तरीके से काम संभालने तक एक दिसंबर से उपभोक्ताओं को बालू-गिट्टी फिलहाल पटना जिले के निसारपुरा में बने बफर स्टॉक से भेजे जायेंगे. इसको लेकर विभाग ने गुरुवार को बालू-गिट्टी की नयी दरें निर्धारित की हैं.

3/4 इंच और 5/8 इंच की 100 सीएफटी गिट्टी की कीमत 6750 रुपये, जबकि 100 सीएफटी लाल या पीला बालू की कीमत 2400 रुपये निर्धारित की गयी है. इसके अलावा बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को 5% कमीशन भी देना होगा. इसके अलावा बफर स्टॉक से उपभोक्ता द्वारा बताये गये डिलिवरी स्थल तक का परिवहन शुल्क उपभोक्ताओं को वहन करना होगा

खुशखबरी:बिहार में बालू और गिट्टी का संकट हुआ समाप्त,  70% तक सस्ते हुए बालू-गिट्टी
एक माह बाद मनचाहे जिले के मिलेंगे बालू-गिट्टी
खान एवं भूतत्व विभाग के विशेष सचिव अरुण प्रकाश ने बताया कि करीब एक महीने बाद प्रदेश के किसी भी जिले का उपभोक्ता जिस किसी खास जिले का बालू या गिट्टी खरीदना चाहेगा तो उसे उस जिले से यह उपलब्ध करवाया जायेगा. इस दौरान परिवहन पर होने वाला खर्च उसे वहन करना होगा.

कुल मिलाकर उपभोक्ताओं की सहूलियत का पूरा ख्याल रखा जायेगा. फिलहाल बालू की बिक्री बफर स्टॉक से शुरू कर दी गयी है. प्रदेश के सभी खुदरा विक्रेताओं को इस पूरी प्रक्रिया से अवगत होने तक यह व्यवस्था जारी रहेगी. उम्मीद है कि करीब 10 दिनों में ये खुदरा विक्रेता पूरी तरह कामकाज संभाल लेंगे.

खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने सभी बालू घाटों और पत्थर खदानों पर खनिज विकास पदाधिकारी, खान निरीक्षक, दंडाधिकारी में से किसी एक की तैनाती शुरुआती 15 दिन और रात के लिए करने का सभी जिले के डीएम को निर्देश दिया है.

वह इस बात की जांच करेंगे कि आम लोगों से बालू-गिट्टी का ऑर्डर लेकर खुदरा विक्रेता जब बालू घाट या पत्थर खदान पर पहुंचे तो बंदोबस्तधारी उन्हें तय मूल्य पर ही बालू-गिट्टी दे. 15 दिन बाद संबंधित जिले के डीएम पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार इन अधिकारियों की तैनाती रखने या वापस लेने के बारे में निर्णय ले सकते हैं.


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